Poet and Thoughts

Monday, May 30, 2022

ओस के मोती

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जो सुने गीत हम चले आये। बाँधकर प्रीत साथ में लाए॥ दो घड़ी पास में जरा बैठो। बीतती रात रागिनी गाये॥ मौन हो आज पायलें बैठी। चूड़ियाँ भी न भेद ...
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Monday, May 9, 2022

कोलाहल हृदय का

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 स्वप्न सारे टूट बिखरे ठेव मन पर जोर लागी‌। रात भी ढलती रही फिर   बैठ पलकों पे अभागी। आस के पग डगमगाते थक कर न रुक जाए कहीं । थाम ले छड़ी चे...
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Friday, March 4, 2022

लोभ

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काँपते हैं देख कानन मानवों की भीड़ को। रोपते तरु काट नित वो पत्थरों के चीड़ को।  नित नए आकार लेता    लोभ का गहरा कुआँ। घुट रही हर श्वास धीरे...
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Thursday, February 10, 2022

ज़िंदगी सस्ती नहीं

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 ज़िंदगी को कोई यूँ लानत न दो, जन्मदाता पिता की अमानत है यह। खून से सींचकर माँ पाले इसे,  रात भर जागकर वो संभाले इसे। दर्द सहकर भी दुख तुम प...
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भाव की बिखरी कड़ी

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शब्द के जाले उलझकर भाव की बिखरी कड़ी। लेखनी फिर मूक होकर बीनती बिखरी लड़ी। कौन कोने जा छुपे हैं वर्ण सारे रूठकर। बुन रही हूँ बैठ माला पुष्प ...
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Friday, January 28, 2022

भूख

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भूख पेट की बढ़ती जाती अंतड़ियाँ दुखड़ा रोती। धनवानों की बैठ तिजोरी हँस रहे हीरा मोती। पेट कसे निर्धन चुप होकर ढूँढ रहा सूखी रोटी। भूख प्राण ...
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Monday, January 24, 2022

मिट रही संवेदनाएं

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 प्रीत रोकर मौन मन से कह रही अपनी कथाएं। छल-कपट की क्यारियों में सूखती हैं भावनाएं। वेदना व्याकुल हुई पथ छटपटाती सी पड़ी है। दर्प डूबी लालसा...
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मेरे ब्लॉग पर लिखी रचनाएं मेरी स्वरचित रचनाएं हैं जो मेरे मन की भावनाएं व्यक्त करती हैं

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Anuradha chauhan
शब्दों का ताना-बाना बुनती हूँ। भावों के रंग भरती हूँ।बस इतनी सी पहचान है मेरी वही पहचान लिखती हूँ।
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