Poet and Thoughts
Sunday, April 19, 2026
कागजों की परछाई
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शब्दकोश की खोल पिटारी भाव हँसे लेकर अँगड़ाई। कलम मचलकर मसि में डूबी बनी कागजों की परछाई। कलियों के घूँघट को छूकर सूरज की किरणें मचली। शून्य...
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Thursday, January 18, 2024
श्री राम चले अपने घर
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युगों युगों तक तरसी जनता राम धाम के दर्शन को। त्याग तपस्या का फल मिलता देख बने अब मंदिर को। विधना के भी खेल निराले राम लला का घर छूटा। देख ...
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Tuesday, July 4, 2023
गुरु ज्ञान का उजाला
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गुरु ज्ञान का उजाला बनकर करीब आए। अज्ञानता भरी मन विज्ञान वो सिखाए। भटके हुए इस मन में ठहराव कही नहीं था। सीखे सबक हजारों अंधकार भी मिटाए। ...
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Friday, February 10, 2023
जीवन का सच
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फागुन जब लेता अँगड़ाई,पुरवाई तब महके। पीली पीली सरसों फूली,देख उसे मन चहके॥खिलती कलियाँ झरते पत्ते,पतझड़ भी मनभाए।रंगों का अब मौसम आया,पुरवा...
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Tuesday, September 13, 2022
हमारी शान है हिन्दी
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हमारी शान है हिन्दी हमारा मान है हिन्दी। बनी सदियों यही मुखिया सदा सम्मान है हिन्दी॥ सहज ही हिन्द की बोली सदा सबको लुभाती है। यही आधार है ...
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Friday, August 12, 2022
अभिमान है तिरंगा
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जग में सदैव ऊँचा अभिमान है तिरंगा। चलना सभी उठाकर अभियान है तिरंगा॥ हर ओर गीत गूँजे जयघोष दे सुनाई। हर द्वेष को मिटाता वरदान है तिरंगा॥ हर ...
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Tuesday, June 28, 2022
मौन की यात्रा
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मौन ढूँढे नव दुशाला व्यंजना के फिर जड़ाऊ। यत्न करके हारता मन वर्ण खोए सब लुभाऊ। खो गई जाने कहाँ पर रस भरी अनमोल बूटी चित्त में नोना लगा जब भ...
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