Friday, August 2, 2019

कलम की ताकत

आजादी की आग बनी
बनी क्रांति की ज्वाला
कलम ने अपनी ताकत से
हर एक मन में भरा उजाला

खुशियों का पैगाम बनी
हर दिल का लिखती हाल
यह कलम की ताकत है
इतिहास रचता कलमकार

सजनी की पाती लिखे
लिखती माँ की ममता
पिता का आशीष लिखे
कलम दिल की जुबां बने

बसंत की बहार,होली के रंग
सावन के गीत,तीज की रौनक
साहित्य के सागर में डूबी
कलम नित नए आयाम रचे

शब्दों से संस्कार जगाकर
ज्ञान का प्रकाश फैलाती
ग्रंथों को गढ़कर कलम ने
संस्कृति को नई दिशा दी

तलवार-सी धार बनकर
शब्दों के बाण चलाती
कलम की ताकत कम न समझो
कलम बड़े-बड़े काम कर जाती
***अनुराधा चौहान***

चित्र गूगल से साभार

16 comments:

  1. अनुराधा जी आपकी कलम वास्तव में जादुई है
    सुन्दर प्रस्तुति शुभ कामनाएं

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    1. हार्दिक आभार ऋतु जी

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  2. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज शनिवार 03 अगस्त 2019 को साझा की गई है......... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. सहृदय आभार यशोदा जी

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  3. कलम के महत्त्व और ताकत का काव्यात्मक व्याख्यान।
    सुंदर सृजन सखी।

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  4. हार्दिक आभार सखी

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  5. वाह बेहतरीन।

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  6. शब्दों से संस्कार जगाकर
    ज्ञान का प्रकाश फैलाती
    ग्रंथों को गढ़कर कलम ने
    संस्कृति को नई दिशा दी!!
    कलम की महिमा गाती सुंदर भावपूर्ण रचना प्रिय अनुराधा जी | सस्नेह

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    1. हार्दिक आभार प्रिय रेणु जी

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  7. क़लम का प्रभाव तोप,तलवार और बंदूक से अधिक प्रभावी होताहै .

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    1. हार्दिक आभार आदरणीया

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  8. कलम के हर आयाम को बाखूबी लिखा है ...
    बहुत खूब है आपकी रचना ...

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  9. ग्रंथों को गढ़कर कलम ने
    संस्कृति को नई दिशा दी!!
    कलम की महिमा गाती सुंदर भावपूर्ण रचना

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    1. हार्दिक आभार संजय जी

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