Poet and Thoughts

Friday, February 10, 2023

जीवन का सच

›
फागुन जब लेता अँगड़ाई,पुरवाई तब महके। पीली पीली सरसों फूली,देख उसे मन चहके॥खिलती कलियाँ झरते पत्ते,पतझड़ भी मनभाए।रंगों का अब मौसम आया,पुरवा...
16 comments:
Tuesday, September 13, 2022

हमारी शान है हिन्दी

›
  हमारी शान है हिन्दी हमारा मान है हिन्दी। बनी सदियों यही मुखिया सदा सम्मान है हिन्दी॥ सहज ही हिन्द की बोली सदा सबको लुभाती है। यही आधार है ...
4 comments:
Friday, August 12, 2022

अभिमान है तिरंगा

›
 जग में सदैव ऊँचा अभिमान है तिरंगा। चलना सभी उठाकर अभियान है तिरंगा॥ हर ओर गीत गूँजे जयघोष दे सुनाई। हर द्वेष को मिटाता वरदान है तिरंगा॥ हर ...
16 comments:
Tuesday, June 28, 2022

मौन की यात्रा

›
मौन ढूँढे नव दुशाला व्यंजना के फिर जड़ाऊ। यत्न करके हारता मन वर्ण खोए सब लुभाऊ। खो गई जाने कहाँ पर रस भरी अनमोल बूटी चित्त में नोना लगा जब भ...
4 comments:
Saturday, June 11, 2022

व्याधियाँ

›
  मेटती सुख क्यारियों से व्याधियाँ लेकर कुदाली। क्रोध में फुफकार भरती जूझती हर एक डाली। आज बंजर सी धरा कर कष्ट के सब बीज बोते। मारती लू जब थ...
14 comments:
Saturday, June 4, 2022

तपती वसुंधरा

›
 मानव बना विनाशक बरती न सावधानी। यह आपदा बनी अब लीले नदी निशानी॥ सूखे तड़ाग सारे धरती चटक रही है। यह क्रोध भाव कैसा क्यों बैर नीति ठानी॥ तपत...
12 comments:

जीवन चक्र

›
चमक रहा अम्बर पर नवीन तारा है। कहीं मिटा धरती से किया किनारा है॥ घटे बढ़े यह जीवन सदैव ऐसे ही। मरे जिए अरु जन्में प्रवास सारा है॥ प्रताड़ना ...
12 comments:
‹
›
Home
View web version

मेरे ब्लॉग पर लिखी रचनाएं मेरी स्वरचित रचनाएं हैं जो मेरे मन की भावनाएं व्यक्त करती हैं

My photo
Anuradha chauhan
शब्दों का ताना-बाना बुनती हूँ। भावों के रंग भरती हूँ।बस इतनी सी पहचान है मेरी वही पहचान लिखती हूँ।
View my complete profile
Powered by Blogger.