Poet and Thoughts
Thursday, May 28, 2020
बूँद-बूँद जीवन
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बूँद-बूँद जब जल की गिरती घड़ा एक नित भरता। नाम गूँजता जग में उसका कारज जग हित करता। गले लगाना है अपनों को उचित नहीं ये दंगा...
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जीवन का आधार
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भाव हृदय का बहता झरना जीवन का आधार लिये। जीवन पथ के चलते राही हृदय प्रीत साकार किये। हृदय बसा आशा की किरणें मन उजियारा करना...
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Tuesday, May 26, 2020
राज नये गहरे-गहरे
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भावों के पट खोल रहे हैं राज नये गहरे-गहरे। अंतर्मन में जीवन के कुछ यादों के पल आ ठहरे। धूप खिली है सोंधी-सोंधी भीतर मन के अँ...
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Saturday, May 23, 2020
राह काँटो भरी
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बड़े जतन से भरी हुई थी छलक पड़ी सुख गगरी। कदम-कदम पे विपदा घेरे राह है काँटों भरी। छिन गया है सुख-चैन सारा फिर रहे बेसहारा। ...
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Wednesday, May 20, 2020
कोरोना हारे भारत जीते
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पीने की खातिर मधुशाला तुम नियम सारे भूल गए वो जान बचाने की खातिर अपने घर को भूल गए कुछ तो सोचा होता तुमने जो दिन-रात पहरा देते...
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उर्मियाँ घूँघट हटाकर
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प्रीत की फुलवारियाँ भी वेदना सहती रही हैं। पीर सूखे पात जैसी बात ये कहती सही है। महकती इन क्यारियों में गीत गूँजें मधुमास के...
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Tuesday, May 12, 2020
सात वचन
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सात वचन जो आज लिए हैं साथी भूल न जाना। मुश्किल हो जीवन का रास्ता हरपल साथ निभाना। मेरी आँखों का बन काजल साथी सदा दमकना। खन...
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