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Monday, March 18, 2019

आई रे होली आई (गीत)

आई रे होली आई,आई रे होली
होली के रंग में रंगे हैं
भंग से चूर हूए हैं
नाचे सब मिलजुल सारे
मस्ती में झूम उठे हैं
रंगों में होकर सराबोर सब
नाचें मिलजुलकर सारे
खुशियों की धूम मची है
आई रे होली आई,आई रे होली
अबीर-गुलाल है उड़ता
गोरी के गालों को रंगता
मारे भर-भर पिचकारी
भींगे चुनरिया सारी
रंगों में होकर सराबोर सब
नाचें मिलजुलकर सारे
खुशियों की धूम मची है
आई रे होली आई,आई रे होली
रंग में सब रंगे हुए हैं
मस्ती में झूम रहे हैं
ठंडाई का दौर है चलता
गुझियों की मिठास घुली है
रंगों में होकर सराबोर सब
नाचें मिलजुलकर सारे
खुशियों की धूम मची है
आई रे होली आई,आई रे होली
आओ खुशियों के रंग लगा लें
मन से बैर-भाव भुला दें
ताल से ताल मिलाकर
रंगों में होकर सराबोर सब
नाचें मिलजुलकर सारे
खुशियों की धूम मची है
आई रे होली आई,आई रे होली
***अनुराधा चौहान***

16 comments:

  1. बहुत ही सुंदर होली गीत,आप को भी होली की हार्दिक बधाई ,सखी

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  2. होली के रंगों को बाखूबी लिखा है ...
    बहुत बधाई आपको रंगों के पर्व की ...

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    1. बहुत बहुत आभार आदरणीय आपको भी होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं

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  3. नमस्ते,

    आपकी यह प्रस्तुति BLOG "पाँच लिंकों का आनंद"
    ( http://halchalwith5links.blogspot.in ) में
    गुरुवार 21 मार्च 2019 को प्रकाशनार्थ 1343 वें अंक में सम्मिलित की गयी है।

    प्रातः 4 बजे के उपरान्त प्रकाशित अंक अवलोकनार्थ उपलब्ध होगा।
    चर्चा में शामिल होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं, आइयेगा ज़रूर।
    सधन्यवाद।

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    1. हार्दिक आभार रवीन्द्र जी

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  4. बहुत ही सुंदर !!!!!! होली के सभी दृश्य सजीव करती रचना | होली की शुभकामनायें और बधाई प्रिय अनुराधा जी | सपरिवार सकुशल रहें यही कामना है |

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    1. हार्दिक आभार सखी आपको भी होली की हार्दिक शुभकामनाएं

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  5. होली की सपरिवार शुभकामना।
    - पूनम और विश्वमोहन

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  6. सुन्दर। शुभकामनाएं होली पर।

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  7. वाह बहुत सुन्दर सखी होली के रंग में सराबोर रचना मन को आह्लाद से भर गई।
    वाह अप्रतिम।
    सपरिवार होली की हार्दिक शुभकामनाएं।

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  8. मन को आल्हादित करती अत्यंत सुन्दर रचना ।

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